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Gulchand pak visthapit home in nachna jaisalmer

Pakistani displaced Hindus Says they would not go back to Pakistan

Exclusive Story By Dilip Soni “Nachna”

#Jaisalmer News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित मिठी थारपारकर (Tharparkar Distirict In Pakistan) से छह साल पहले धार्मिक वीजा पर भारत आकर राजस्थान में जोधपुर और जैसलमेर में बसे तीन पाक विस्थापित परिवारों (Pakistani displaced Hindus) पर गुरुवार को उस समय विपत्ति आ गई, जब सीबीआई (CBI) व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें वापस पाक जाने का नोटिस (Return To Pakistan) थमा दिया।

इन परिवारों के 19 में से तीन लोगों को वापस पाकिस्तान भेजे जाने को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इन परिवारों के शेष लोगों को फिलहाल पाक जाने का नोटिस नहीं दिया गया है।

सीबीआई और जिला कलेक्टर की तरफ से मिले नोटिस (Notice) के बाद ये लोग परेशान है।

पाकिस्तान छोड़कर भारत आने के बाद जैसलमेर के नाचना इलाके में रह रहे 6 पाक विस्थापितों को भारत छोड़ने का नोटिस स्थानीय पुलिस अधीक्षक (इंटेलीजेंस) व विदेशी पंजीयन अधिकारी जोधपुर ने जारी किया है।

आदेश के अनुसार राज्य सरकार गृह विभाग की ओर से 4 नवंबर और गृह मंत्रालय द्वारा 14 अक्टूबर को जारी आदेश की पालना में मंगलवार को जारी किए गए इस नोटिस में पाक नागरिक नवाबचंद उर्फ नंदलाल, गुलचंद उर्फ गुल्लुजी, किशोरदास, जयरामदास, कंवरराम व काजल को जल्द से जल्द भारत छोड़ने को कहा गया है।

notice to pakistani displaced nachna jaisalmer

ऐसा नहीं करने पर इनके खिलाफ निष्कासन की कार्यवाही की जाएगी। ये सभी विदेशी नागरिक के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र जैसलमेर के नाचना गांव में बिना अधिकृत स्वीकृति के निवास कर रहे हैं। इनकी वीजा अवधि भी खत्म हो चुकी है। राज्य सरकार और गृह मंत्रालय के प्रासंगिक आदेश की पालना में ये नोटिस जारी किया गया है।

एक हिन्दू परिवार के लिए छोटा पड़ गया भारत माता का आँचल

भारत में लाखों रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे है और इनमे से कईयों ने यंहा नागरिकता भी ले ली इसी तरह से सूत्र बताते है कि जैसलमेर के कई गाँवों में पाक प्लान लोगों ने भारत की नागरिकता ले ली और यंहा आधार कार्ड राशन कार्ड और वोटर लिस्ट में नाम भी जुड़वा लिया पर उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका.

इसके अलावा मुस्लिमों पर धर्म गुरु गाजी फ़क़ीर का वरदहस्त है और जैसलमेर जिले में आज की तारीख में किसी की औकात नहीं की राजनैतिक शक्ति का केंद्र बने फ़क़ीर परिवार के आदेश की अवेहलना कोई सरकारी मुलाजिम कर सके.

पूर्व जैसलमेर जिला पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी ने ऐसा किया था और उनका क्या अंजाम हुवा ये सब जानते है.

मगर हिन्दुओं के लिए जैसलमेर में कोई आवाज उठाने वाला नहीं इसलिए यंहा के पाक विस्थापित हिन्दू दर दर की ठोकरें खा रहे है, सबसे बड़ा सवाल क्या भारत माँ का आंचल इतना छोटा पड़ गया कि उसमें एक हिन्दू परिवार नहीं रह सकता.

राजस्थान सरकार का एक फरमान बहा ले गया पाक विस्थापित मेघवाल हिन्दू परिवार के अरमान

पाकिस्तान में अत्याचारों से बचने के लिए जैसलमेर के नाचना में पिछले छह सालों से रह रहे इस हिन्दू मेघवाल परिवार के दिन हंसी ख़ुशी से बीत रहे थे, कशीदाकरी और सिलाई में निपुण इस परिवार के स्त्री पुरुष दिन रात मेहनत करके तिनका तिनका जोड़ नीड़ का निर्माण कर रहे थे.

बेटी को हिंदुस्तान में किसी परिवार में शादी कर पाकिस्तान में होने वाले अपहरण और जबर्दस्ती धर्मांतरण से बचाकर खुशहाल देखना चाहते थे मगर सरकार के एक आदेश ने इनका घोंसला सूना कर दिया, बच्चों की चहचहाहट बंद हो गई बचे है तो सिर्फ आंसू और अंदेशे की अब क्या होगा.

gulchand pak visthapit home nachna jaisalmer
gulchand pak visthapit home nachna jaisalmer

जैसलमेर विधायक है रुपाराम मेघवाल पर फिर भी नहीं कर रहे पाक विस्थापित गरीब परिवार की मदद

जैसलमेर जिले में कांग्रेस के विधायक रुपाराम मेघवाल है मगर उनको जैसलमेर नगर परिषद के चुनाव में सभापति बनाने से ही फुर्सत नहीं है, उनकी बेटी अंजना मेघवाल भी जिला प्रमुख है पर वोटों में मेघवालों की नुमाइंदगी करने वाला ये परिवार खामोश है.

जवान बेटी के पाकिस्तान में अपहरण होकर धर्म परिवर्तन का सता रहा डर इसलिए नहीं जाना चाहते वापिस

पाकिस्तान से आये हिन्दू परिवारों ने बताया कि पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओं का कोई दीन नहीं है उन्हें वंहा के मुसलमानों के हिसाब से जीना पड़ता है. किसी की बहन बेटी पर मुस्लिम कट्टरपंथी लोगो की नजर पड़ गई तो उसे उठाकर ले जायेगे ,सामूहिक बलात्कार कर मार देंगे या जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लेंगे.

पाक में अत्याचारों से तंग होकर जैसलमेर में आये शरणार्थी हिन्दुओं में राजस्थान सरकार की कार्यवाही से दहशत

राजस्थान सरकार के इस आदेश से जैसलमेर जिले जिले में रह रहे ऐसे हिन्दू परिवार जिनके सदस्यों को नागरिकता नहीं मिली है खौफजदा है और इस दहशत में है कि पता नहीं कब उनका नंबर आ जाए और उठाकर पाकिस्तान फेंक दिया जाए.

जिला कलेक्टर को है पाक विस्थापितों को नागरिकता देने का अधिकार, फिर क्यूँ हो रहा जुल्म

केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है पाकिस्तान से आये हिन्दू परिवारों को नागरिकता देने का जैसलमेर और जोधपुर जिला कलेक्टर को अधिकार है. फिर क्यूं इतना जुल्म हो रहा है.

पढ़ें: पाक विस्थापितों को नागरिकता के नियम

हिंदूवादी संगठनों और दलितों के ठेकेदारों को सूंघ गया सांप इनके वोट नहीं इसलिए समर्थन नहीं

जैसलमेर के हिंदूवादी संगठन और दलित ठेकेदार इस परिवार की मदद को आगे नहीं आ रहे क्यूंकि इस परिवार के वोट यंहा नहीं जुड़े है इसलिए उनको कोई राजनैतिक फायदा इस परिवार से मिलता नहीं दिख रहा है.

जबकि सूत्रों ने बताया कि ये परिवार संघ से जुड़ा था और चुनावों के दौरान बीजेपी और मोदी का समर्थन कर रहा था, इसने अपने घर पे बीजेपी और भगवा झंडिया लगा रखी थी जिसकी वजह से नाचना कस्बे के मेघवाल समाज के कुछ लोग इससे नाराज थे.

वंही कुछ लोग चाहते थे कि ये अपनी बेटी की शादी उनके परिवार में कर दें. आशंका जाहिर की जा रही है कि इसी के चलते इस परिवार की शिकायत मेघवाल समाज में से ही किसी व्यक्ति ने की है.

अगर तोडा है क़ानून तो सजा दो जेल दो पर मौत से बदतर हालात मत करो पाकिस्तान जाने से मौत अच्छी

इस दलित परिवार के लोगो का रो रो कर बुरा हाल है, इनका कहना है कि पाकिस्तान की जमीन पर जाने से अच्छा है कि हिंदुस्तान की जेल में जिंदगी गुजार दें. ये लोग कहते है कि मौत अच्छी पर पाकिस्तान बुरा है. अब देखना ये है कि हालात के मारें बदनसीबों पर किसी का रहमोकरम होता है या इनकी जिंदगी में दरबदर होना और जिल्लत लिखी है.