Solar Pump Kusum Yojna


Jaipur। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम योजना कंपोनेट-ए) में किसानों की बंजर/अनुपयोगी भूमि पर विद्युत वितरण निगमों के 33/11 के.वी. के सब स्टेशनो के लगभग 5 कि.मी के अंदर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना अथवा भूमि लीज पर देने के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2019 से बढ़ाकर अब 15 January, 2020 कर दी गई है।

कुसुम योजना का एलान केंद्र सरकार (Central Government) के आम बजट 2018-19 में किया गया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुसुम योजना की घोषणा की थी.

क्या है कुसुम योजना का उद्देश्य? भारत में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है और अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. केंद्र सरकार (Central Government) की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.

इस योजना के तहत अब तक कुल लगभग 6000 आवेदकों द्वारा पंजीकरण करवाया जा चुका है, जिनमें से 2200 आवेदकों ने सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु तथा 3800 आवेदकों ने अपनी भूमि लीज पर दिये जाने हेतु पंजीकरण करवाया गया है।


राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल गुप्ता ने अवगत करवाया है कि इस योजना में किसान, किसानों का समूह, सहकारी समितियां, पंचायत, किसान उत्पादक संगठन, जल उपभोक्ता एसोसिएशन विकासकर्ता किसान की भूमि लीज पर लेकर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना कर सकते है। एक मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु लगभग 2 हैक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। 


गुप्ता ने यह भी अवगत करवाया कि सौर ऊर्जा उत्पादक का चयन आवेदकों द्वारा आवेदित क्षमता सब स्टेशन पर घोषित क्षमता से कम या बराबर होने पर सीधे ही तथा आवेदित क्षमता सब-स्टेशन की घोषित क्षमता से अधिक होने पर रिवर्स बिंडिग के माध्यम से किया जावेगा।


इस योजना के अन्तर्गत किसानों को उनकी बंजर/अनुपयोगी भूमि से एक नियमित आय स्त्रोत विकसित होगा।

कुसुम योजना की मुख्य बातें

  • सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
  • केंद्र सरकार (Central Government) किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
  • सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जायेंगे.
  • कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
  • सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.

केंद्र सरकार (Central Government) की कुसुम योजना की विस्तृत जानकारी PDF फाइल में देखी जा सकती हैः-

link for kusum yojna:- https://mnre.gov.in/#

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