चंडीगढ़, 12 अगस्त । पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 92 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब स्मार्ट कनेक्ट स्कीम लॉन्च किया, जिसमें उन्होंने 12वीं कक्षा के छह छात्रों को स्मार्ट फोन देकर इस योजना का शुभारंभ किया।

इस दौरान विभिन्न मंत्रियों, विधायकों और अन्य लोगों द्वारा 26 स्थानों पर स्मार्टफोन वितरण किया गया।

प्रत्येक मंत्री ने योजना के शुभारंभ की शुरुआत करते हुए, अगल-अलग जिलों में 20 फोन बांटे, राज्य में यह प्रमुख चुनावी वादा था, जिसे पूरा किया जा रहा है।

इस योजना के पहले चरण में 174015 बारहवीं कक्षा के छात्रों को नवंबर तक स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जो 2017-18 में इसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

इस योजना के अंतर्गत 87,395 लड़के और 86,620 लड़कियों को उनकी जाति के आधार पर स्मार्टफोन दिया जाएगा, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र अधिक हैं। इस योजना के माध्यम से सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना चाहती है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि 111,857 छात्र गामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि अन्य शहरी सरकारी स्कूलों से हैं।

अमरिंदर सिंह ने सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि चुनाव में किए गए वादों को पूरा किया जा रहा है और लोगों को हम पर विश्वास भी है।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने एक चुनावी वादे के रूप में स्मार्टफोन को सूचीबद्ध किया, था तब उनका विचार छात्रों को वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करना था और गरीब युवाओं को सशक्त बनाना था, जो स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते हैं।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि चल रहे महामारी में फोन का अधिक महत्व हो गया है, क्योंकि छात्र इससे अपनी पढ़ाई को सुचारु रूप से करने में सफल रहेंगे। यह पंजाब का पैसा था, जो सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए खर्च किया है। फोन को मार्च में वितरित करने की योजना थी, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई है।

मोहाले के विभिन्न सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के छात्र अर्शदीप कौर, सतिंदर कौर, सुखबीर कौर, अमनजोत सिंह, राम सिंह और अमनवीर सिंह ने कहा कि इस कोरोना काल में स्फार्टफोन बहुत जरूरी है, ताकि हम ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें।

–आईएएनएस

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