जैसलमेर, 31 मई। जिले में वर्तमान में पड रही भीषण गर्मी के दौरान पेयजल का प्रबंध तथा अकाल के हालात में राहत कार्य के पुख्ता प्रबंध के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता ने राजस्व अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए है। वह कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में उनके कार्यो का आकलन कर रहे थें।

इस मौके पर जिला कलक्टर ने कहा कि पिछला लम्बा समय राजस्व अधिकारियों समेत सभी सरकारी तंत्र चुनाव के कार्य में व्यस्त रहें, इस कारण अन्य कार्यो तथा विकास योजनाओं पर सम्पूर्ण ध्यान नहीं दें पा रहें थें लेकिन अब चुनाव कार्य से निवृत होने के कारण राजस्व कार्यो तथा प्रशासनिक कार्यो पर केन्द्रित होकर आमजन को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जायें। उन्होंने वर्तमान हालात में अकाल राहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति तथा चारा डिपो के संचालन को कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि समस्याग्रस्त क्षेत्रों में तुरन्त प्रभाव से टैंकरों की जरिये पेयजल पहुंचाया जाएं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ विश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश मेहरा, समेत सभी उपखण्ड अधिकारी तथा तहसीलदार मौजूद थें।

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जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि राजस्व अधिकारी प्रत्येक सप्ताह में दो दिवस आवश्यक रूप से फील्ड में भ्रमण करें तथा प्रत्येक दिवस कम से कम 3-4 पंचायतों का निरीक्षण कर वहां बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा सर्विस डिलीवरी की धरातल पर परख करें। साथ ही पानी, बिजली, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं तथा सरकारी कार्मिकों की उपलब्धता को आवश्यक रूप से सुनिश्चित करने की हिदायत दी। राजस्व एवं उप निवेशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फसल खराबे के कृषि आदान-अनुदान राशि का तत्काल भुगतान कराने की कार्यवाही करें। उन्होंने गत तीन वर्षो का बकाया आदान अनुदान एक सप्ताह के अन्दर भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंनें कहा कि इस कार्य में देरी को किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व नक्शों के डिजिटाईजेशन का कार्य भी तहसीलदारों को शीघ्र करवाकर ऑनलाईन कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में बकाया एवं चालू राशि वसूली भी कम होने को गंभीरता से लिया एवं निर्देश दिए कि वे लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली करवाना सुनिश्चित करावें। उन्होंने कहा कि जो पटवारी सही ढंग से कार्य नहीं करते है उनके खिलाफ कार्यवाही अमल में लावें। जिला कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ओरण, चारागाह एवं वन विभाग की जो भूमि घोषित है एवं अभी तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई है उनको राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करावें एवं साथ ही उसकी अनुपालना रिपोर्ट भेजें एवं संबंधित विभाग को भी प्रतिलिपि उपलब्ध करावें।

उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में राजस्व अधिकारी मुश्तैदी से कार्य करें तथा जहां नाजायज काश्त की गई है उसके नष्टीकरण व नीलामी की कार्यवाही गंभीरता से करावें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में हर घटना के प्रति पूर्ण रूप से चौकस रहें।उन्होंनें धारा 91 के बकाया प्रकरणों के संबंध में गंभीरता के साथ कार्यवाही करने के निर्देश दिए एवं यह भी हिदायत दी कि वे पटवारियों को पाबंद कर दें कि राजस्व भूमि पर किसी भी सूरत में अतिक्रमण नहीं हो।

उन्होंनें सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का समय पर निस्तारण करने, डिजिटल इण्डिया के तहत राजस्व भूमियों के डिजिटेशन के कार्य को समय पर ऑनलाईन कराने के निर्देश दिए। उन्होंनें तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे डिजिटल प्रमाण पत्र को समय पर जारी करावें एवं यह सुनिश्चित करें कि कम से कम डिजिटल प्रमाण पत्र बकाया रहें। उन्होंनें उपखण्ड एवं तहसीलदारों को राजस्व न्यायालयों में दर्ज प्रकरणों का समय पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंनें बकाया म्यूटेशन को भी समय पर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

उन्होंनें यह भी निर्देश दिए कि वे किसानों को पासबुक के महत्व के बारे में अवगत कराते हुए अधिक से अधिक किसानों को पासबुक जारी करने की कार्यवाही करें। उन्होंनें मुख्यमंत्री कार्यालय, लोकायुक्त कार्यालय, राज्य महिला आयोग के साथ ही अन्य आयोगों से प्राप्त प्रकरणों का भी समय पर निस्तारण करने पर जोर दिया।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ विश्नोई ने बैठक में एजेण्डेवार बिन्दुओं को रखा एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे डिजिटाईजेशन के मामले में गंभीरता से कार्य करें।