पानी पीने की आदत डालें, ताकि तन्दुरस्त रहें, आगे बढ़ें – नमित मेहता

जैसलमेर, 5 दिसम्बर/स्कूली बच्चों की सेहत को सँवारने तथा कुछ-कुछ घण्टे के अन्तराल में पानी पीने की आदत विकसित करने के लिए जैसलमेर जिला प्रशासन की ओर से अभिनव पहल के रूप में जिला कलक्टर नमित मेहता ने छत्रैल गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को पानी की बोतलें वितरित कर ‘जल सुधा’ नाम से नवाचारी पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। राजस्थान भर में बच्चों की सेहत के लिए समर्पित यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है।

जिला कलक्टर ने किया पानी की बोतलों का वितरण

जिला कलक्टर ने छत्रैल स्कूल से किया जैसलमेर जिले में ‘जल सुधा’ नवाचार का आगाज 1

जिला कलक्टर ने स्कूल के विद्यार्थियों को भामाशाहों की ओर से उपलब्ध कराई गई पानी की ब्राण्ड मार्का की बोतलें वितरित की और कहा कि स्कूल में कुछ-कुछ घण्टे के अन्तराल में दो-दो मिनट अवधि का वाटर ब्रेक होगा, ताकि बच्चे इन बोतलों से शुद्ध पेयजल पी सकें। विद्यालय में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मिलाकर कुल 374 बोतलों का वितरण किया गया।

जिला कलक्टर ने बोतलों का वितरण करते हुए बच्चों से चर्चा की और बोतल रोजाना स्कूल में लाने तथा वाटर ब्रेक के दौरान पानी पीने के लिए कहा। विद्यार्थियों ने हर्ष नाद कर स्वीकारोक्ति की और कहा कि वे इस बात का पूरा-पूरा ध्यान रखेंगे।

नई पीढ़ी की सेहत रक्षा का प्रयोग है यह

जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि इससे विद्यार्थियों में दिन भर में कुछ-कुछ समय के अन्तराल में पर्याप्त पानी पीने के प्रति जागरुकता संचार के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस नवाचार से पानी पीने की आदत विकसित होगी और इससे विद्यार्थियों की स्वास्थ्य रक्षा को सम्बल प्राप्त होगा।

जिला कलक्टर ने बताया कि जैसलमेर जिले में यह अभियान फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया है जिसमें प्रयोग के तौर पर प्रथम चरण में 3 राजकीय स्कूलों में बोतलों का वितरण किया गया है। इसमें कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को पानी की बोतलें दी गई हैं और उन्हें कहा गया है कि वे पानी पीने को अपनी आदत में लाएं।

यह तय किया गया है कि इसके लिए प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक समय वाली स्कूलों में क्रमिक अन्तराल के रूप में प्रातः 11 बजे, मध्याह्न 12 बजे एवं अपराह्न 3 बजे दो-दो मिनट का वाटर ब्रेक होगा, जिसमें विद्यार्थी अपने पास उपलब्ध वाटर बोतल से पानी पियेंगे। इस तरह स्कूली बच्चों में कुछ-कुछ समय के अन्तराल में पानी पीने की आदत विकसित होगी।

शरीर के लिए बहुत जरूरी है पानी

जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शरीर के लिए पानी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि पानी पीना सेहत के लिए नितान्त आवश्यक है और कुछ-कुछ अन्तराल में पानी पीने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती रहती है, जिससे मानसिक एवं शारीरिक विकास को बल प्राप्त होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में अभिवृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों खासकर बालिकाओं में पर्याप्त पानी पीने की आदत नहीं होने के कारण सेहत पर असर पड़ता है। इसी के मद्देनज़र बच्चों को चाहिए कि कुछ-कुछ समय के अन्तराल में पानी पीने की आदत डालें।

अन्य स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा

जिला कलक्टर ने बताया कि वाटर बोटल्स वितरण और बच्चों में पेयजल पान की आदत विकसित करने के लिए चलाए जाने वाले इस नवाचारी पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों को देखकर आने वाले समय में अन्य सरकारी एवं निजी स्कूलों में भी यह प्रयोग किया जाएगा।

कृतज्ञ है शिक्षा विभाग

आरंभ में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सत्येन्द्र व्यास ने जिला कलक्टर की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों के लिए अभिनव प्रयास के लिए शिक्षा विभाग हमेशा कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने ‘जल सुधा’ नवाचार के उद्देश्यों एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पीने का आह्वान किया।

व्यास ने कहा कि जिला कलक्टर की पहल एवं प्रयासों से जैसलमेर जिले में शुरू हुआ ‘जल सुधा’ का यह अभिनव एवं महत्वपूर्ण प्रयोग स्कूली बच्चों के जीवन के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगा।

उत्साही अभिभावकों ने जताया आभार

ग्रामीणों की ओर से समाजसेवी राणे खाँ ने छत्रैल स्कूल के चयन के लिए ग्रामीणों की ओर से आभार जताया। अतिथियों का पुष्पहार एवं साफों से स्वागत राणे खाँ, तुरके खाँ, मगन खाँ, मलूक खाँ आदि ने किया। अपनी तरह के इस अभिनव आयोजन का साक्षी बनने के लिए काफी संख्या में अभिभावक भी समारोह मेंं शरीक हुए और जिला कलक्टर का आभार जताते हुए इस पहल को ऎतिहासिक बताया।

उत्सवी माहौल में खुशी के मारे झूम उठे स्कूली बच्चे

जिला कलक्टर ने छत्रैल स्कूल से किया जैसलमेर जिले में ‘जल सुधा’ नवाचार का आगाज 2

अपनी स्कूल को नवाचारी प्रयोग के लिए चुनने तथा बच्चों के लिए पानी की बोतलों का बन्दोबस्त करने की खुशी में विद्यालयी छात्र-छात्राओं ने उत्साह के अतिरेक में भर कई बार संकल्पों भरा जयघोष किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुति देकर अपनी दिली खुशी का इज़हार किया। इस दौरान छात्रों ने पानी के महत्व पर हिन्दी, अंग्रेजी एवं उर्दू में विचार अभिव्यक्त करने के साथ ही छात्राओं ने मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

विद्यालय परिवार की ओर से आभार प्रदर्शन प्रधानाचार्य हरिवल्लभ बोहरा ने किया और कहा कि छत्रैल इस दृष्टि से खास है कि यहाँ की आबादी में 75 फीसदी अल्पसंख्यक तथा शेष 25 फीसदी अनुसूचित जाति निवासरत है।

लाणेला और जेठवाई में भी हुआ वाटर बोतल वितरण

‘जल सुधा’ प्रयोग के अन्तर्गत गुरुवार को छत्रैल के साथ ही जैसलमेर जिले के 2 अन्य विद्यालयों मेंं कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों को पानी की बोतलों का वितरण किया गया। इनमें अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ओ.पी. विश्नोई ने लाणेला के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय की सभी 91 बालिकाओं को पानी की बोतलों का वितरण किया। इसी प्रकार जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश ने जेठवाई के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्कूल किट सहित 256 विद्यार्थियों को पानी की बोतलों का वितरण किया।