मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ इस्तगासे होंगे दायर

रजिस्ट्रार ने जिले में उप रजिस्ट्रार को किया अधिकृत

Jaipur News। मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (Multi State Credit Co-operative Societies) के खिलाफ अब परिवाद दायर किया जाएगा। केन्द्रीय रजिस्ट्रार के अधीन आने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसायटियों के विरूद्ध इस्तागासा (Istagasa) दायर करने की शक्तियां रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, राजस्थान को अधिकृत की गई है।

मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार (केन्द्रीय रजिस्ट्रार) के उत्तरदायित्वों के निर्वहन में सहयोग करते हुए विभाग द्वारा निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ जिले में इस्तगासा दायर करने के लिए उप रजिस्ट्रार को अधिकृत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों से ऑनलाइन शिकायत प्राप्त करने के लिए राज सहकार पोर्टल की शुरूआत की गई है। इस पोर्टल पर अब तक 75 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई है।

रजिस्ट्रार ने बताया कि प्राप्त हुई 75 हजार से अधिक शिकायतों में से 74 हजार से अधिक शिकायतें मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों से संबंधित है। जबकि 1 हजार से अधिक शिकायतें स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के बारे में प्राप्त हुई है। प्राप्त शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 160 इस्तगासा स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ दर्ज कराए गए है।

अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के द बैंनिग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम एक्ट, 2019 को पूर्व में ही लागू कर दिया है। इसके तहत समस्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश के न्यायालयों को डेजिग्नेटेड कोर्ट घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय रजिस्ट्रार को धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए विभाग द्वारा निवेदन किया गया था तथा इन सोसायटियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए रजिस्ट्रार सहकारी समितियों को शक्तियां देने के लिए आग्रह किया गया था।

रजिस्ट्रार ने बताया कि भारत सरकार (केन्द्रीय रजिस्ट्रार) ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरूद्ध इस्तगासा दायर करने के लिए अधिकृत किया है। विभाग द्वारा भी जिले के उप रजिस्ट्रार को अधिकृत करने से मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ प्राप्त 74 हजार से अधिक शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए इन सोसायटियों के विरूद्ध इस्तगासा दायर किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर 7 साल की सजा एवं कम से कम 5 लाख और अधिकतम 25 करोड़ रूपए जुर्माने का प्रावधान है।