जैसलमेर के सुर्यागढ़ होटल में राजस्थान की सत्ता की शतरंज, गाजी फकीर बने है वजीर

Gazi Fakir Jaisalmer
Gazi Fakir Jaisalmer

Jaisalmer News: राजस्थान के सियासी घटनाक्रम (Rajasthan Political Crisis) में अब जैसलमेर की भूमिका खास हो गयी है , राजस्थान की कांग्रेस सरकार और सहयोगी दलों तथा निर्दलीय विधायकों का जैसलमेर सूर्यागढ़ होटल (jaisalmer Suryagarh Hotel) में आना शुरू हो गया है।

कांग्रेस के विधायकों को लेकर चार्टर विमान जैसलमेर पहुँच चूका है। जैसलमेर में इनके आवभगत की जिम्मेवारी अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद (Minority Minister Shale Mohammed) और गाजी फकीर परिवार (Gazi Fakir Family) ने उठा रखी है।

हालांकि यंहा आये लोगों में एक से एक राजनीति के धुरंधर होंगे पर देखना होगा कि  गाजी फकीर अपने बुढ़ापे में क्या गुल खिलाने जा रहे है। गहलोत के साथ उनकी सेटिंग अच्छी है तभी सबको यंहा भेजा है।

हालांकि जनता (Public) को दिखाने के लिए ये सभी लोग यंहा Tourist बनकर घूमते नजर आयेंगे और Desert Camps का आनंद लेते या Sam Sand Dunes पर सेल्फी लेते दिखेंगे।

शाले मोहम्मद और गाजी फकीर के जिम्मे कांग्रेस विधायकों की खातिरदारी

सूत्रों ने बताया कि गाजी फकीर जयपुर में भी अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और विधायकों से मिलने गए थे। उनका मकसद राजनितिक अस्थिरता के बीच गहलोत का विश्वास जीतना और शाले मोहम्मद अथवा अमरदीन को पार्टी में अहम ओहदा दिलाना है।

अगर गहलोत की सरकार बच जाती है तो गाजी फकीर का प्रभाव स्पष्ट दिखेगा और राजस्थान की राजनीति में फ़क़ीर की घुसपैठ हो जायेगी। जानकारों का मानना है कि शाले मोहम्मद को डिप्टी सीएम (Dipti CM Shale Mohammad) बनाया जा सकता है।

जैसलमेर के सुर्यागढ़ होटल में राजस्थान की सत्ता की शतरंज, गाजी फकीर बने है वजीर 1

हालांकि लोगो का कयास कंहा तक सही होगा ये तो आने वाला समय बताएगा, पर इतना तो पक्का है कि गाजी फ़क़ीर की राय से ही विधायकों की बाड़ेबंदी जैसलमेर में की गयी है।

गाजी फकीर ने हमेशा से ऐसे मौको का फायदा उठाया है

गाजी फकीर  का इतिहास देखें तो उसने ऐसे मौके कभी हाथ से जाने नहीं दिए, साम दाम दंड भेद से उसने अपने मकसद पूरे किये है और हिन्दू बाहुल्य सीट पर येन केन प्रकारेण शाले मोहम्मद को जिताया भी है और मंत्री भी बना दिया।

गाजी फकीर मुगलकालीन राजनीति के धुरंधर है जंहा पलक झपकते ही शह और मात का खेल हो जाता था। गाजी ने जैसलमेर से एक एक करके अपने सारे प्रतिद्वन्दियो को निपटा दिया है।

अशोक गहलोत जादूगर है तो गाजी फकीर बाजीगर है

अगर गहलोत जादूगर है तो गाजी फकीर बाजीगर है, अब दोनों मिलकर कौनसी बाजी खेलते है ये देखना दिलचस्प होगा।

अशोक गहलोत का विश्वास जीतकर शाले मोहम्मद और उनके पिता गाजी फकीर बड़ा दांव जरुर खेलेंगे क्यूंकि मुस्लिम विधायकों के साथ बी.डी. कल्ला और हरीश चौधरी जैसे मंत्री भी इनके समर्थन में है।

मुस्लिम वोटों के प्रभाव से गाजी फ़क़ीर राजनीतिक गहमागहमी में बड़ा फायदा उठाएंगे और ऐसा कोई काम भी हो सकता है जो इस सारे सियासी घटनाक्रम को भी बदल के रख दें।

जैसलमेर के सुर्यागढ़ होटल में राजस्थान की सत्ता की शतरंज, गाजी फकीर बने है वजीर 2

अशोक गहलोत और सचिन पायलट (Sachin Pilot) की ये लड़ाई गाजी फकीर के लिए बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने वाला मौका है और कोशिश भरपूर मलाई खाने की है।

ऐसे में गाजी फकीर के लिए शाले मोहम्मद को डिप्टी सीएम बनाने का ये सुनहरा मौका है और इसके साथ अमरदीन फकीर (Amardeen Fakir) को भी कंही सेट किया जा सकता है।

हालांकि देखना ये है कि विधानसभा, निकाय और पंचायत चुनावों में गाजी फकीर के दांव जो हमेशा जीत दिलाते रहे है क्या वो सूर्यागढ़ में इकट्ठा हो रहे शतंरज के खिलाडियों पर कामयाब हो पाएंगे।

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