Connect with us

Hi, what are you looking for?

Politics

पत्रकार अजय सेतिया का खुलासा: राजीव गांधी फाउंडेशन के नाम पर सोनिया ने चीन से खाया है तीन लाख डॉलर

पत्रकार अजय सेतिया का खुलासा: राजीव गांधी फाउंडेशन के नाम पर सोनिया ने चीन से खाया है तीन लाख डॉलर 9

देश के जाने माने पत्रकार अजय सेतिया (Journalist Ajay Setia) ने राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) को लेकर अपने यूट्यूब चैनल पर विडियो जारी कर सोनिया गाँधी ( Sonia Gandhi), राहुल गाँधी (Rahul Gandhi)और प्रियंका वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) का चीन कनेक्शन उजागर किया है.

आपकों बता दें की अजय सेतिया 30 वर्षों से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में है दैनिक नवज्योति में इंडिया गेट तथा राजस्थान पत्रिका में जंतर-मंतर नाम से कॉलम लिखते रहे है. उन्होंने अनेकों अखबारों में काम किया है. सेतिया ने पंजाब केसरी से अपने करियर की शुरुआत की थी. उसके बाद वे जनसत्ता, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और नवज्योति के साथ भी जुड़े रहे हैं.

अजय सेतिया ने कहा है कि “भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद पर कांग्रेस की ओर से जो बयानबाजी की जा रही है, उससे पूरा देश आक्रोशित है. कांग्रेस की देश विरोधी बयानबाज़ी से सेना का मनोबल कमजोर होना स्वाभाविक है. लोग कहने को मजबूर हैं कि कांग्रेस और चीन में गहरा संबंध है. अब चीन के साथ कांग्रेस के सम्बंधों का खुलासा भी हो गया है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

खुलासा यह हुआ है कि चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) को भारी भरकम पैसा दिया हैं और वर्षों से फंडिंग कर रहा है. इस वजह से जब जब चीन के साथ तनाव होता है कांग्रेस भारत की बजाए चीन की भाषा बोलकर उसे कूटनीतिक मदद पहुंचाती है. देश में भ्रम का वातावरण बनाया जाता है कि मोदी सरकार चीन के सामने कमजोर पड रही है , जिस से चीन समर्थक कम्यूनिस्ट लॉबी भी भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाती है.

सेतिया के अनुसार डोकलाम विवाद के समय भी यही देखा गया था, जब राहुल गांधी चीन के राजदूत से गुप्त मीटिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे.

पहले कांग्रेस के प्रवक्ता रनदीप सुरजेवाला ने किसी मुलाक़ात से इनकार किया था, लेकिन बाद में जब राहुल गांधी और चीन के राजदूत की मीटिंग का फोटो सामने आ गया था , तो पुष्टि करनी पड़ी थी. बाद में राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा के समय भी चीन सरकार की ओर से राहुल गांधी का राष्ट्राध्यक्ष की तरह स्वागत किया गया था.

अब लद्दाख के मुद्दे पर तनाव के समय भी सोनिया गांधी और राहुल गान्धी जून के पहले हफ्ते से चीन को मदद पहुँचाने वाले बयान दे रहे हैं.

Advertisement. Scroll to continue reading.

खुलासा यह हुआ है कि भारत स्थित चीन के दूतावास ने 2005 -06 में राजीव गान्धी फाउंडेशन को 3,00,000 डालर दिए थे.फाउंडेशन की चेयरपर्सन सोनिया गांधी हैं , राहुल गान्धी , प्रियंका गांधी , मनमोहन सिंह , मोंटेक सिंह आहलुवालिया और पी. चिद्म्बरम सदस्य है.

आप को याद होगा कि पिछले दिनों कांग्रेस और चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी में एक एमओयूं पर दस्तखत होने की खबर भी सामने आई थी. इस का अभी तक कांग्रेस ने खंडन नहीं किया है , खबर तो यह भी है कि सोनिया गान्धी ने चीन के साथ समझौते पर दस्तखत की कांग्रेस कार्यसमिति से भी मंजूरी नहीं ली थी. आज भी कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों को कोई जानकारी नहीं है , लेकिन सोनिया गांधी और राहुल गांधी की चीन के नेताओं से मुलाकातें बढ़ गईं .

2010 में राजीव गांधी फाऊंडेशन ने एक स्टडी की, जिस में कहा गया था कि इंडिया चीन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होना चाहिए.

साफ़ है कि यूपीए सरकार के समय किस तरह भारत चीन व्यापार का असंतुलन किया गया. जहां भारत का निर्यात तो वहीं का वहीं खड़ा रहा , लेकिन चीन का आयात तीन सौ गुना बढ़ गया.

Advertisement. Scroll to continue reading.

2014 में कांग्रेस सत्ता में आ जाती तो चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर के भारत की सारी मार्किट चीन के हवाले कर देती.

आप तारतम्यता देखिए 2005 में चीन ने 3 लाख डालर दिए , 2008 में चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी से गुप्त एमओयूं साइन हुआ और 2010 में चीन के साथ फ्री ट्रेड की सिफारिश की गई. इस बीच 2005 से तीन लाख डालर मिलने के बाद से चीन से आयात लगातार बढ़ता चला गया .

जब यह विस्फोटक खबर आई भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा उस समय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए मध्य प्रदेश जनसंवाद रैली को सम्बोधित कर रहे थे इसी दौरान नड्डा ने कहा कि चीन और कांग्रेस के रिश्तों का यही रहस्य है. मुझे इस पूरे मामले को लेकर हैरत हो रही ह.

जेपी नड्डा ने कहा कि 2017 में डोकलाम विवाद के बीच राहुल गांधी ने बिना किसी को बताये चीन के राजदूत से चुपके से मुलाकात की थी. और ऐसी चीज़ें करने के बीच कांग्रेस गलवान घाटी में जो हुआ, उस पर बोल रही है. देश को भ्रमित कर रही है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

विधि मंत्री रविशंकर प्रशाद ने सोनिया गांधी से सवाल किया है कि गांधी परिवार ये बताए कि चीन से प्रेम कैसे बढ़ गया. उन्होंने कहा कि इनके कार्यकाल में ही चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा किया.

उन्होंने पूछा कि आखिर ये पैसा कहाँ गया और इसका क्या किया गया. क्या इसकी परमीशन सरकार से ली गई थी? क्योंकि बिना सरकार की अनुमति के इस तरह से पैसे नहीं लिए जा सकते हैं. यहाँ यह याद दिलाना भी जरूरी है कि 2016 में जाकिर नाईक की इस्लामिक रिसर्च फाऊंडेशन ने भी खुलासा किया था कि उस ने राजीव गांधी फाऊंडेशन को 50 लाख रुपए दिए थे.

इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने नाइक के एनजीओ से मिली डोनेशन की बात मानी , लेकिन दावा किया कि राशि राजीव गांधी फाउंडेशन को नहीं बल्कि राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को दी गई थी. जिसे उन्होंने कुछ महीने पहले नाइक के एनजीओ को लौटा दिया था. लेकिन इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन ने साफ़ किया था कि उन्होंने पैसे राजीव गांधी फाउंडेशन को दिए हैं न कि चैरिटेबल ट्रस्ट को इस्लामिक फाऊंडेशन ने कांग्रेस के इस दावे का भी खंडन किया था कि पैसे वापस कर दिए गए हैं.

Advertisement. Scroll to continue reading.
Advertisement