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       जैसलमेर, 31 मई। जिले में टिड्डी दल के आगमन के पश्चात उनके पूर्ण नियंत्रण तथा समाप्ति एवं उनके  प्रकोप से वनस्पति, फसलों, पेड पौधों को बचाने के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

       जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण के पुख्ता प्रबंध किए जाये तथा कीटनाशक के छिडकाव के पश्चात उस क्षेत्र पर नजर रखी जाएं ताकि नये टिड्डी दल नहीं पनपने पाएं। उन्होंने राजस्व तंत्र को इस मामले में चौकन्ना रहने तथा किसी भी स्थान पर टिड्डी दल के आगमन की त्वरित सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में 1200 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कीटनाशक के छिडकाव के दौरान वन्य जीवों विशेषकर गोडावण की सुरक्षा के लिए टिड्डी नियंत्रण विभाग को वन विभाग की टीम साथ में रखकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में निषिद्व क्षेत्र में निर्देशों के अनुसार कार्य करें।

       बैठक में टिड्डी प्रतिरक्षा दल उप निदेशक के.एल.गुर्जर ने बताया कि टिड्डी प्रतिरक्षा दल व कृषि विभाग की ओर से गत एक सप्ताह से सुबह व शाम कीटनाशक रसायनों का छिडकाव भी किया जा रहा है। जिस क्षेत्र में टिड्डी दल पाए जा रहे है जिनमें गोडावण, चिंकारा, हरिण सहित कई वन्यजीव जंतु निवास करते है। जिससे उन क्षेत्रों में कीटनाशक छिडकाव में परेशानी हो रही है।  इस संबंध में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहें है। साथ ही अनुमति मिलने के बाद वन्यजीव क्षेत्र में भी पर्याप्त मशीनें लगाकर वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में छिडकाव कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। फिल्ड फायरिंग रेंज मे प्रवेश प्रतिबंधित है। ऐसे मे सेना के सक्षम अधिकारियों से बातचीत कर उनकी अनुमति मिलने के बाद ही कीटनाशक छिडकाव की कार्यवाही की जाएगी।

       बैठक में जिला कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों को कहा कि कहीं पर भी टिड्डी दल पाए जाने की सूचना तत्काल प्रशासन, कृषि विभाग व टिड्डी प्रतिरक्षा विभाग को देने की बात कही। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ विश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा उपस्थित थें।