JAISALMER - Sam PS Meeting 22-11-2019 (2)

संयुक्त प्रशिक्षण में दिए गए व्यापक दिशा-निर्देश

जैसलमेर, 22 नवम्बर/सम पंचायत समिति क्षेत्र के गांवों के भावी विकास को लेकर शुक्रवार को डीआरडीए सभाकक्ष में प्रधान श्रीमती उषा सुरेन्द्रसिंह भाटी की अध्यक्षता में संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इसमें राज्य सरकार की बजट घोषणा अन्तर्गत प्राप्त निर्देशों के अनुसार ग्राम्यांचलों के सभी प्रकार के विकास एवं लोक सुविधाओं के व्यापक विस्तार से संबंधित विलेज मास्टर प्लान बनाने को लेकर व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें जन प्रतिनिधियों, पंचायत प्रसार अधिकारियों, भू अभिलेख निरीक्षकों, पटवारियों, ग्राम विकास अधिकारियों एवं कनिष्ठ सहायकों ने हिस्सा लिया।

समय पर पूरे करें सारे काम

प्रशिक्षण में प्रधान श्रीमती उषा सुरेन्द्रसिंह भाटी ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियेां एवं कार्मिकों को राज्य सरकार के उक्त कार्यक्रम को निश्चित समयावधि में पूर्ण कर गांव के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विलेज प्लान तैयार करने का आह्वान किया।

विकास की व्यापक सोच रखें

उपखण्ड अधिकारी दिनेश विश्नोई ने पटवारियों के सहयोग से ग्राम पंचायत का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक एवं पंचायत प्रसार अधिकारियों का भी दायित्व निर्धारित किया और कहा कि इस बारे में व्यापक दिशा-दृष्टि से काम करें। प्रशिक्षण में जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता, भैराराम विश्नेाई एवं फकीरचंद सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज से संबंधित अधिकारीगण एवं कार्मिक उपस्थित थे।

पंचायत समिति सम के विकास अधिकारी सुखराम विश्नोई ने प्रशिक्षण से संबंधित विषयों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें गांवों के हर प्रकार के विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार आदि को लेकर सभी प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया और कहा गया कि प्राप्त प्रशिक्षण के अनुरूप निर्धारित समय सीमा में विलेज मास्टर प्लान बनाएं।

ये दिए गए दिशा-निर्देश

प्रशिक्षण में गांवों में आगामी 30 वर्षो की आवश्यकता केा ध्यान में रखते हुए सामुदायिक एवं जनोपयोगी कार्यो के लिये भूमि का चिह्निकरण पटवारियों के सहयोग से विलेज मास्टर प्लान बनाने हेतु विभिन्न क्रियाकलापों के लिये आवश्यक भूमि को सेट अपार्ट किये जाने, वर्तमान में सुविधाओं को सूचीबद्व कर नजरी नक्शे में दर्शाना तथा वर्तमान में चिह्नित की जाने वाली आवश्यकताएं यथा आबादी भूमि का विस्तार, भौगोलिक दृष्टि को ध्यान में रखते हुए भविष्य में सुविधा निर्माण हेतु स्थान, पशुपालन एवं राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड, गांव में उपलब्ध कृषि, खनिज, वन संसाधन, पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु पार्क एवं खुली जगह, प्राकृतिक सौन्दर्य के स्थल यथा तालाब, बावड़ी, पहाड़ इत्यादि को संरक्षित रखने एवं विकसित करने, विकास से जल बहाव क्षेत्र में कोई अतिक्रमण न हो, पशुधन के चरने हेतु चारागाह भूमि, वर्षा जलसंग्रहण एवं संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिये गये।

विशेषज्ञों एवं बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ लें

यह भी कहा गया कि दौरान ग्राम पंचायतों में बैठक आयोजित कर गांव से संंबंधित निर्वाचित सभी जनप्रतिनिधियों, पटवारी, गांव के निवासी, सेवा-निवृत्त व्यक्तियों व स्थानीय गणमान्य वासियों को आमंत्रित कर गांव की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की वांछित सुविधाओं की प्रस्तावित स्थिति के निर्धारण करने हेतु भी निर्देश दिये गये।