Sanskrit School Amarsagar Jaisalmer
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भारत के संविधान की 70वीं वर्षगाँठ के अवसर पर सुदुर कोनों तक संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों की जानकारी देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे संविधान सप्ताह के समापन दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, अमरसागर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।

संविधान सप्ताह के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव शरद तंवर ने भारत के संविधान की प्रस्तावना एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम पर जानकारियां साझा की।

चाईल्ड लाईन के अर्जुन देव शास्त्री द्वारा सविंधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया एवं प्रधानाचार्य जुगतसिंह द्वारा विद्यार्थियों को संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों के बारे में बताया गया।

विद्यार्थियों को संविधान के पालन की शपथ दिलाई गई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार यह माह विशेष रूप से बाल विवाह रोको अभियान चलाया जा रहा है इस क्रम में जागृति प्रसारित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान के तहत बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि इस कानून के तहत किसी बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम एवं बालक की उम्र 21 वर्ष से कम हो तो ऐसा विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है।

कम उम्र में बच्चों की शादी करने से उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास एवं खुशहाल जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। ऐसे में बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकना प्रत्येक सजग नागरिक का दायित्व बनता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उनके ध्यान में आने वाली ऐसी किसी भी घटना की जानकारी वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस या सीधे मजिस्ट्रेट कार्यालय में दे सकते हैं ताकि ऐसे किसी भी बाल विवाह को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि लड़की की शादी में दहेज लेने देने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए दहेज प्रतिशोध अधिनियम प्रभावी है, इसके तहत दहेज लेना व देना दोनों अपराध है।

जानकारियों के क्रम में रैगिंग विरोधी कानून एवं बाल श्रम निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी भी प्रदान की गई। विषय से सम्बंधित लीफलेट एवं पेम्पलेट वितरित किए गए।