sabhapati ki ladai

#Jaisalmer News: जैसलमेर नगर परिषद में सभापति बनने की दौड़ में अब घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है, कौन कब किधर बाजी मार जाए या पलट जाए कहा नहीं जा सकता पर राजनैतिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर फ़िलहाल ” सभापति ” बनाने के मामले में बीजेपी खिसककर तीसरे स्थान पर आ गई है.

नोट : यंहा दी गई जानकारी ख़ुफ़िया राजनैतिक सूत्रों और शतरंज के बाजीगरों से प्राप्त संकेतो पर दी गई है, निरंतर बदलते घटनाक्रम और इच्छाओं,अभिलाषाओं और हॉर्स ट्रेडिंग से परिणाम बदल सकते है 🙂 .

मुकाबला अब सीधे सीधे फ़क़ीर, रुपाराम और बीजेपी के बीच में है पर जातिवाद का फैक्टर हावी हो रहा है जिससे बीजेपी को नुकसान होगा.

सूत्रों ने बताया कि नगर परिषद चुनाव से पहले ही ब्राह्मणों ने ये तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए इस बार जैसलमेर में सभापति ” ब्राह्मण ” ही बनना चाहिए.

अगर बात करें दावेदारों की तो सभापति पद के लिए नाम निर्देशन पत्र की संवीक्षा के बाद 5 लोग सभापति बनना चाहते हैं .

इनमे बीजेपी से विक्रम सिंह,कांग्रेस से कमलेश छंगाणी तो तीन निर्दलीय हरिवल्लभ कल्ला, खींवसिंह और प्रवीण कुमार है.

शनिवार 23 तारीख को 3 बजे तक देखना है कि कौन फार्म वापिस उठाने जा रहा है? उसके बाद स्थिति और ज्यादा स्पष्ट हो जायेगी.

ब्राह्मण सभापति के लिए साम दाम दंड भेद सारे हथकंडे अपनाये जायेंगे सूत्रों ने बताया कि हॉर्स ट्रेडिंग होनी तय है, और बड़े बजट के चलते बीजेपी से कई दावेदारों ने हाथ पीछे खींच लिए है.

एक निर्दलीय पार्षद को 31 लाख का ऑफर आ चूका है ऐसे में सभापति बनने का खर्चा लगभग 5 करोड़ से ऊपर जाता दिख रहा है सूत्रों के अनुसार प्रति पार्षद कीमत बढने से प्रतिद्वंदी कम हो गए क्यूंकि सबके पास इतना “पोदीना ” नहीं होता .

अब इतना पैसा खर्च कर सभापति बनने वाले से ईमानदारी की अपेक्षा करना मुर्खता है, सीधी सी बात है राजनीति अब सेवा नहीं बिजनेस है जिसमें लगाये 5 करोड़ को 50 करोड़ में बदला जा सकता है.

बीजेपी के एक पार्षद ने जिसकी जमीनों के मामले में काफी पकड है उसने अपने साथ दो और पार्षद के वोट होने बताये है. इसी तरह बीजेपी के ब्राह्मण पार्षदों के भी क्रॉस वोटिंग करने के चांस है.

इसी तरह से बीजेपी की माहेश्वरी जाति की महिला पार्षद का वोट फ़क़ीर गुट को जाना तय है बदले में फ़क़ीर गुट ने नाचना के एक धन्ना सेठ को नाचना का सरपंच बनाने का लड्डू पकड़ा दिया है और चांडक सेठ इसी जुगाड़ में जैसलमेर बैठे है.

शुक्रवार शाम तक की ताजा अपडेट के अनुसार बीजेपी ने रणकपुर में ,रुपाराम गुट ने सम में एक रिसोर्ट में और फ़क़ीर गुट ने अपने ढीब्बा पाड़ा स्थित मकान में पार्षदों की बाड़े बन्दी कर रखी है.

अब सौदेबाजी का पीक सीजन चल रहा है जिसमें समझदार लोग पार्टी बाजी छोड़कर “धन धन सतगुरु ” को अहमियत दे रहे है. औसतन वार्ड में ढाई से तीन लाख खर्च कर पार्षद बनने वाले लोगो को 31 लाख घाटे का सौदा तो नहीं है…..

कुछ ऐसे भी सीधे सादे और भोले भाले पार्षद जीते है जिन्हें सात दिनों के राजनैतिक ट्रेवल टूर और खाने नाश्ते के अलावा धन्यवाद भी नहीं मिलेगा … उनकी किस्मत .

अंत में स्थिति भले ही ब्राह्मण सभापति के पक्ष में दिख रही हो ….घी डालकर खिचड़ी का स्वाद बदला जा सकता है …इसलिए बोली बढाइये …लोग बिकने को तैयार है.

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