Desert National Park Jaisalmer
Desert National Park Jaisalmer

Godawan, peacock, camels and rare creatures being killed by electric wires

Jaisalmer News: जैसलमेर जिले में बिजली की तारों से राज्य पक्षी गोड़ावन (Great Indian Bustard) और राष्ट्रीय पक्षी मोर मौत का शिकार हो रहे है इसके अलावा भी बड़े आकार वाले पक्षियों कुरजां,गिद्ध आदि भी बिजली के तारों से टकराकर मर रहे है.

झूल रहे बिजली के तारों से टकराकर मरने वाले बड़े आकार के जीवों में राज्य पशु ऊंट और नीलगाय की बड़ी संख्या है इसके अलावा जमीन पर पड़े तारों से गाय बैल, लोमड़ी, हिरण और सांप तक मारे जाने की घटनाएं जैसलमेर जिले में हो चुकी है.

भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के The Wildlife Institute of India (WII) के अनुसार भारत में केवल 150 गोड़ावन बचे हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत राजस्थान और गुजरात में हैं, और उनमें से बहुत कम महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हैं.

जैसलमेर: बिजली की तारों से मारे जा रहे गोड़ावन, मोर, ऊंट और दुर्लभ जीव 1
फोटो : राधेश्याम पेमाणी

उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों के संपर्क में आने के बाद गोड़ावन सालाना 15 प्रतिशत की दर से मर रहे हैं, डब्ल्यूआईआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 30 वर्षों में उनकी आबादी 75 प्रतिशत कम हो गई है।

गोडावण की आँखों की देखने की क्षमता कमजोर होती है और बड़े आकार और कमजोर दृष्टि के कारण वो क्षेत्र से गुजर रही बिजली लाइनों की चपेट में आ जाती है और करंट से मारी जाती है.

भारत के अलावा, पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहाँ ये पक्षी पाए जाते हैं, हालाँकि, विशेषज्ञों के अनुसार, पड़ोसी देश में गोड़ावन की संख्या 15 से अधिक नहीं है.

WII के शोध से पता चला है कि उर्ध्वाधर रेखा के साथ विशेष रूप से उच्च वोल्टेज (33-440 KV) ट्रांसमिशन लाइनें Great Indian Bustard के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं.

अध्ययन ने अकेले जैसलमेर में 2017-18 में पांच गोड़ावन की मौतों को दर्ज किया और गणना की कि इस खतरे के कारण Great Indian Bustard की 15 प्रतिशत आबादी मर रही है.

डब्ल्यूआईआई ने कहा कि ट्रांसमिशन लाइनों के कारण मौजूदा एडिटिव मॉर्टेलिटी रेट काफी ज्यादा है और अगर कंट्रोल नहीं किया गया तो प्रजाति विलुप्त हो सकती है.