जैसलमेर, 22 नवम्बर/बाल हितैषी पंचायत जागरुकता अभियान रथ शुक्रवार दोपहर सम पंचायत समिति अन्तर्गत डेढ़ा ग्राम पंचायत पहुंचा जहाँ ग्राम्य जन प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अभियान के कारवां की अगवानी करते हुए भावभीना स्वागत किया।

आरंभ में जागरुकता रथयात्रा से संबंधित बाल हितैषी ग्राम पंचायत टीम के प्रतिनिधियों रोहित पारीक, विष्णु शर्मा, जितेन्द्र कुमार, अरविन्द शुक्ल एवं रजाक खान ने जिला कलक्टर एवं उपस्थितजनों को अभियान के बारे में जानकारी दी।

डेढ़ा में जगाई व्यापक चेतनाबच्चों के साथ संवाद

कारवां दल के समन्वयकों ने सरपंच करमाली खां एवं सचिव रमणलाल के साथ बैठक आयोजित कर बाल हितैषी घटकों पर चर्चा की और बच्चों के हितों के संरक्षण के लिए बाल संरक्षण समिति का गठन करवाया। आंगनवाड़ी केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र में भी जागरूकता कार्यक्रम किये गये। कारवां दल के समन्वयकों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डेढ़ा में स्कूली बच्चों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को जाना और बच्चों की भागीदारी पर चर्चा करते हुए सोशल मैपिंग का कार्य किया।

कल्याण योजनाओं की जानकारी दी

कारवां दल के समन्वयकों ने रथ के माध्यम से ग्रामीणों को जागरुकता अभियान अन्तर्गत आयोजित होने वाले गतिविधियों की जानकारी दी और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने, जन्म प्रमाण पत्र बनाने, सम्पूर्ण टीकाकरण, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन व पलायन पर रोक आदि की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। समन्वयकों ने बताया कि क्षेत्र भर में बाल हितैषी पंचायत बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

तीन जिलों में शुरू हुआ अभियान

उल्लेखनीय है कि पंचायतीराज की ओर से उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय समारोह में बाल हितैषी ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से बाड़मेर की चौहटन पंचायत समिति, टोंक की टोंक पंचायत समिति एवं जैसलमेर की सम पंचायत समिति के 30 ग्राम पंचायतों में इस अभियान की घोषणा की थी। इसी घोषणा के अनुसार अभियान की शुरूआत शुक्रवार को हुई। यह अभियान 27 दिसम्बर तक चलेगा।

ये कार्य होंगे अभियान में

अभियान के दौरान जन्म प्रमाण पत्र बनाने, सम्पूर्ण टीकारण, स्कूलों में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन, बालश्रम व बाल विवाह उन्मूलन, खुले में शौच मुक्त एवं कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत बनाने, बाल अधिकारों के लिये बाल संरक्षण समिति का गठन करने, मिड डे मिल के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत विकास योजना में बाल हितैषी गतिविधियों को शामिल करने पर जोर दिया जायेगा।