Water Rail Bird In Ajasar Village Jaisalmer
Photo: Water Rail Bird Source: Youtube

Jaisalmer News: जैसलमेर जिले में इंदिरा गांधी नहर के आने के बाद पारिस्थितिकी तंत्र में व्यापक बदलाव आने से यंहा प्रवासी पक्षियों और जानवरों की नई प्रजातियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आ रही है. वंही बदलाव के चलते राज्य पक्षी गोडावण लुप्त हो रहा है.

इसी क्रम में जिले के अजासर क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमी दिवेश कुमार सैनी और राधेश्याम पैमाणी ने वाटर रेल पक्षी को देखा है. छिछले पानी के आसपास दिखाई देने वाला वाटर रेल पक्षी अधिकतर यूरोप, उत्तरी अफ्रीका में पाया जाता है और सर्मदियों में मध्य भारत में प्रजनन के लिए आते है.

वाटर रेल पक्षी की चोंच लाल रंग की और लंबी होती है वंही दिखने में ये कबूतर और तीतर का मिलाजुला रूप लगता है. ये अंडे देने के बाद बच्चों के निकलने तक पूरी चौकीदारी करते है और शिकारियों से बचाने के लिए अंडो की जगह बदलते रहते है.

कीड़े मकोड़ों को खाकर गुजारा करने वाले इन पक्षियों को जैसलमेर में विभिन्न जल प्रदाय योजनाओं के कारण भरपूर पानी व् भोजन मिल रहा है. कीड़ों, मछलियों की प्रचुरता और शिकारियों की कमी के चलते जैसलमेर के नाचना,मोहनगढ़ और रामगढ में जल स्रोतों के पास जल पक्षियों की कई नयी प्रजातियाँ देखने को मिल रही है.