Hari Vallabh Kalla won the first congress seat ward 20 jaisalmer nagar parishad election 2019
Hari Vallabh Kalla won the first congress seat ward 20 jaisalmer nagar parishad election 2019

जयपुर से जैसलमेर तक बने प्रेशर और भय के आगे झुका बीजेपी प्रत्याशी मोहन परिहार

Jaisalmer News: जैसलमेर नगर परिषद चुनाव 2019 में कांग्रेस को नाम वापसी के आखिरी दिन जीत का तोहफा मिला है।

कांग्रेस जैसलमेर के वार्ड-20 से कांग्रेस प्रत्याशी हरिवल्लभ कल्ला को निर्विरोध निर्वाचन करवाने में सफल हो गई है।

वार्ड 20 से बीजेपी के मोहन परिहार ने अपना नामांकन वापिस लेकर कल्ला को जीत का तोहफा दिया।

hari vallabh kalla
जीत पक्की होने के माला पहने हरिवल्लभ कल्ला

जैसलमेर की राजनीति के जानकारों का मानना है कि जैसलमेर के पूर्व विधायक स्वर्गीय गोवर्धन कल्ला के भतीजे हरिवल्लभ कल्ला पर सीएम अशोक गहलोत की भी कृपा दृष्टि है।

साथ ही अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद, वैभव गहलोत की तरफ से भी कल्ला को पूरा समर्थन है।

राजनीति के जानकार कह रहे है अगर कांग्रेस का बोर्ड बना तो हरिवल्लभ बोहरा जैसलमेर के अगले सभापति बनेंगे।

उनको जयपुर तक ग्रीन सिग्नल मिला हुवा है। वंही जैसलमेर का ब्राह्मण समाज भी गोवेर्धन कल्ला के निधन के बाद अपनी जाति से हरिवल्लभ कल्ला को अगला लीडर बनाना चाहता है।

बताया जा रहे है कि पेशे से कांट्रेक्टर हरिबल्लभ कल्ला काफी पैसे वाले और माइक्रो मैनेजमेंट करने वाले व्यक्ति है।

वार्ड 20 से बीजेपी प्रत्याशी मोहन परिहार ने अपना नामांकन वापिस ले लिया। मोहन परिहार पिछले बोर्ड में जीतकर पार्षद बने थे।

mohan prihar bjp
नाम वापसी के बाद निराश बीजेपी प्रत्याशी मोहन परिहार

सूत्रों से पता चला है कि पूर्व सभापति कविता खत्री के पति कैलाश खत्री से अनबन के चलते नगर परिषद आयुक्त सुखराम खोखर द्वारा मोहन परिहार पर फर्जी पट्टा प्रकरण में मुकदमा दर्ज करवाया गया था।

नामांकन वापिस लेने के लिए मोहन परिहार पर साम,दाम,दंड,भेद की नीति अपनाई गई। उनके पर समाज का भी प्रेशर लगाया गया।

सूत्रों ने बताया कि मोहन परिहार को पट्टा प्रकरण में कार्यवाही और पूर्व कार्यकाल में हुवे कामों में गड़बड़ी पर कार्यवाही का भय दिखाया गया है। जिसके कारण उन्हें नामांकन वापिस लेना पड़ा।

बीजेपी प्रत्याशी के पर्चा हटाते ही जैसलमेर नगर परिषद में कांग्रेस की जीत का खाता खुल गया है।

हरिवल्लभ कल्ला अब अपनी जीत की चिंता करने के बजाय कांग्रेस के दूसरे प्रत्याशियों को जितवाने में मदद करेंगे और सभापति बनने का सपना पूरा करेंगे।