Delhi News। देश में हाईवे का जाल बिछाने वाले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के इस्तेमाल पर जोर देने की तैयारी की है।

इसके लिए एनएचएआई ने दिल्ली आईआईटी (IIT Delhi) से हाथ मिलाया है। दोनों ने मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी की है। यह व्यवस्था पांच साल के लिए की जा रही है।

दिल्ली आईआईटी के डायरेक्टर डॉ. वी.गोपाल राव और एनएचएआई के चेयरमैन डॉ. सुखबीर सिंह संधू के बीच गुरुवार को एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, डेटा के आधार पर निर्णय के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की जरूरत पड़ती है।

एनएएचआई एडवांस डेटा मैनेजमेंट सिस्टम बना रहा है। इससे एनएचआई की कार्यक्षमता बढ़ेगी।

डेटा आधारित निर्णय लेने में आसानी होगी। हाईवे सेफ्टी, वर्क जोन और डेटा मैनेजमेंट, नेटवर्क ट्रैफिक डिमांड और इंसीडेंट मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से आसानी होगी।

समझौत के बाद आईआईटी दिल्ली तकनीकी आधारभूत संसाधन और एक्सपर्ट्स की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

इससे हाईवे सेक्टर में रिसर्च सुविधाएं भी बढ़ेंगी। सेंटर की निगरानी के लिए एक एडवाइजरी बोर्ड गठित होगा।

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था पांच साल की अवधि के लिए प्रभावी रहेगी।

उम्मीद है कि एनएएचआई में अत्यधिक प्रभावी डिजिटलाइज्ड सिस्टम लाया जाएगा। यह साझेदारी राजमार्गो के लिए नए डेटा चालित युग की शुरुआत होगी।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बेहतर यातायात और निर्माण प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश को लाभ होगा।

–आईएएनएस

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