Jaipur News: सोशल मिडिया पर एक मैसेज वाट्सएप्प ग्रुपों में सैंकड़ों की संख्या में वायरल हो रहा है जिसमें हर चौथा आदमी 22 साल पुराना टीवी खरीदने की बात कर रहा है। अब इसे भेड़चाल कहे तो कोई बड़ी बात नहीं होगी, क्योंकि किसी को इसका कारण भी नहीं पता।

यहीं नहीं फेसबुक पर भी लोग पोस्ट कर रहे है। लेकिन किसी को भी इसके पीछे का कारण नहीं पता चल रहा है। ना केवल खरीददार बल्कि कुछ ने तो बेचने के पोस्ट करना भी शुरू कर दिया है।

ऐसे में हमने कुछ लोगों से इसके वायरल होने का कारण जानने का प्रयास किया। इसमें कुछ लोगों ने नाम ना प्र​काशित करने की शर्त पर एक तस्वीर उपलब्ध करवाई है,जिसमें एक पुरानी ट्यूब नजर आ रही है। सोशल मिडिया पर वायरल कर रहे इन लोगों की माने तो इस ट्यूब में भरा कैमिकल लाखों रूपए कीमत का है।

हालांकि हमने इस बारें में पूरी जानकारी जुटाई है दरअसल वर्तमान में सीआरटी मोनिटर के कचरे का निस्तारण करना ही एक बड़ी समस्या है, अगर इनकी कीमत लाखों में होती तो इनको बनाने वाली कई कंपनियां बंद नहीं होती.

मगर लोगो को करोडपति बनने की सनक लगी है और आगे से आगे पुरानी टीवी का मैसेज वायरल हो रहा है.

आइये जानते है पुरानी टीवी के CRT मोनिटर में क्या होता है ?

1950 के दशक से, CRT का उपयोग टेलीविजन और कंप्यूटर स्क्रीन में किया गया है। ऐतिहासिक रूप से टेलीविजन और कंप्यूटर की मांग के साथ कदम बढ़ाए। 2001 में, यूएस में वैश्विक CRT मॉनिटर उद्योग को महत्व दिया गया था $ 19.5 बिलियन, 108 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया गया। हालांकि, वर्तमान में, टीवी और कंप्यूटर के लिए सीआरटी तकनीक अप्रचलित है , नए CRT के लिए बाजार घट रहा है और दुनिया में CRT का उत्पादन अब सीमित है ,क्योंकि यह एक पुरानी और अत्यधिक ऊर्जा की खपत करने वाली तकनीक है, जिसे अब नई तकनीकों द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है; LCD की तरह.

एक कैथोड रे ट्यूब या सीआरटी एक विशेष वैक्यूम ट्यूब है जिसमें इलेक्ट्रॉन बीम होने पर छवियां उत्पन्न होती हैं एक फॉस्फोरसेंट सतह पर हमला करता है। टेलीविज़न सेट के अलावा, कंप्यूटर मॉनिटर में स्वचालित टेलर मशीन, वीडियो गेम मशीन, वीडियो कैमरा, ऑसिलोस्कोप और रडार डिस्प्ले कैथोड रे ट्यूब का उपयोग किया जाता है।

दॊ है CRT के प्रकार: काले और सफेद (मोनोक्रोम) और रंग। सामान्य CRT में स्क्रीन के रूप में उपयोग किया जाने वाला फ्रंट पैनल होता है, एक गर्दन, जो इलेक्ट्रॉन बंदूक और फ़नल को कवर करती है, जो पैनल और गर्दन को जोड़ती है। यह अनुमान है कि सी.आर.टी. टेलीविजन या कंप्यूटर मॉनीटर के वजन का लगभग 65% भाग बनता है और यह 85% ग्लास से बना होता है. फ्रंट पैनल 65%, फ़नल 30% और नेक ग्लास 5% होता है.

पुरानी टीवी के मोनिटर में होते है ये केमिकल

अब आप यंहा दिए फोटो से अंदाजा लगा सकते है कि कौनसे केमिकल की कितनी कीमत है ज्यादा जानकारी के लिए आप ये पीडीफ पढ़ सकते है जिसमें पुरानी टीवी के रीसाइक्लिंग का पूरा वर्णन किया गया है.