भारत सरकार के सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्रालय की माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज ( MSME ) एवं नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ( National Small Industries Corporation ) के संयुक्त तत्वाधान म­ें आयोजित एक दिवसीय औद्योगिक अभिप्रेरणा शिविर म­ें स्थानीय उद्यमियों ने भाग लेकर भारत सरकार के सूक्ष्म लघु उद्योग मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल की।

शिविर म­ेंराष्ट्रीय लघु उद्योग निगम के पी.के. झा ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय देश के सूक्ष्म लघु उद्योगों को क्रमोन्नत करने, उन्ह­ें सहायता देने उनके विकास म­े तेजी लाने के मिशन को पूरा करने के काम म­ें लगा हुआ है। देश एवं विदेश म­ें प्रौद्योगिकी को बढ़ाकर उसका आधुनिकरण कर गुणवत्ता चेतना लाकर बड़े मध्यम उद्यमों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने और लघु उद्योग के प्रोजेक्ट निर्यात बढाकर अपनी शक्तिप्रमाणितकरने में­ सहायता प्रदान करता है।

उन्होंने एनएसआईसी (NSIC) के माध्यम से उद्योगों के विकास, मार्केटिंग आदि के बारे में बिंदुवार जानकारी दी। एमएसएमई के सहायक निदेशक आर. एस. दहिया ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म व लघु उद्यमों को लाभान्वित व पोषित किए जाने के बारे में विस्तृत जानकारी उद्यमियों को दी।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक हरीश कुमार व्यास ने उद्यमियों को एमएसएमई एनएसआईसी व राजस्थान सरकार की नवीनतम औद्योगिक नीति एवं विनिवेश नीति के बारे म­ें  विस्तार से बताया।

उन्होंने सरकार द्वारा जारी उद्योग मित्र पोर्टल की जानकारी देते बताया कि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अपने उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय औद्योगिक विकास में­ एक नई क्रान्ति ला सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के बारे म­ें विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ऎसी योजनाओं में­ पहली बार ट्रेडिंग करने वालों को भी वित्तीय सहायता का प्रावधान रखा गया है।  ब्याज अनुदान के बारे में­ भी विस्तृत जानकारी दी गई। एनएसआईसी के डीजीएम डीके अग्रवाल ने लघु उद्यमियों को अपने उत्पाद को देश-विदेश में­ होने वाली एग्जीबिशन में­ भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही वित्तीय अनुदान के बारे में­ भी जानकारी दी।

लीड बैंक अधिकारी आर एल मीणा ने बैंकों द्वारा इन योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को दिए जाने वाले ऋण के बारे में­ विस्तृत जानकारी दी। इससे पूर्व रीको इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी किशन मेहरा, सचिव गिरीश व्यास, जैसलमेर पत्थर मिनरल व्यापार संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कल्ला, सचिव जुगल बोहरा, हैंडीक्राफ्ट संघ अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण श्रीमाली, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष ओमप्रकाश राखेचा ने भी जैसलमेर के स्थापित उद्योग के बारे म­ें विस्तार से बताया। इसके साथ ही उत्पादन से संबंधित समस्याएं एवं उनके समाधान के बारे में­ चर्चा की।

उद्यमियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कहा कि जैसलमेर देश के अंतिम छोर पर अवस्थित आकांक्षी जिला भी है। यहाँ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध खनिज कृषि आधारित फसल­ एवं बढ़ते हुए पर्यटन के आधार पर स्थानीय लोगों की भागीदारी को लेते हुए नीतियां बनाई जाएं, जिससे जैसलमेर का औद्योगिक विकास हो सके और स्थानीय बेरोजगार युवा अपना रोजगार प्राप्त कर­ साथ ही सरकार द्वारा बनाई हुई विभिन्न योजनाओं का लाभ पा सकें।  उन्होंने बताया कि एमएसएमई के माध्यम से लघु उद्यमों को बढ़ावा देने की कई योजनाएं सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं और वित्तीय संस्थाओं द्वारा उन्हें­ वित्त पोषित भी किया जा रहा है।

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