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जैसलमेर जिले के विभिन्न स्थानों पर टिड्डि्यों के प्रकोप पर प्रभावी नियंत्रण पाए जाने के प्रयासों में व्यापक सफलता हासिल हुई है और विभिन्न गांवों में अनगिनत टिड्डियों का खात्मा हुआ है।


उप निदेशक (कृषि) राधेश्याम नरवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि टिड्डियों के पूरी तरह सफाए के लिए अभी दो-तीन दिन और युद्धस्तर पर अभियान जारी रहेगा। कृषि विभाग और टिड्डी नियंत्रण विभाग तथा किसानों की सराहनीय भागीदारी के चलते जिले में टिड्डियों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। 


टिड्डी नियंत्रण कार्यवाही का पूरा फोकस अब टिड्डियों के समूह उन्मूलन पर केन्दि्रत है और इस दिशा में हर स्तर पर कार्यवाही जारी है।  सर्वे टीमें लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमणरत हैं तथा टिड्डी नियंत्रण के लिए 10 नियंत्रण वाहन निरन्तर सेवाएं दे रहे हैं। 


इनके साथ ही स्थानीय किसानों की आत्मीय सहभागिता के चलते जिले में टिड्डी नियंत्रण की दिशा में संतोषजनक परिणाम सामने आए हैं। टिड्डी नियंत्रण दलों और किसानों ने काफी हद तक राहत का अहसास किया है। 


ग्राम्यांचलों में टिड्डी नियंत्रण से संबंधित चेतना जागृत करने की दृष्टि से कृषक गोष्ठियों के आयोजन का दौर बना हुआ है। उल्लेखनीय बात यह है कि जिले में टिड्डी नियंत्रण अभियान में किसानों की ओर से हर तरह का सहयोग प्राप्त हो रहा है और वे टिड्डी नियंत्रण दलों को अपनी ओर से हरसंभव सहयोग करने के साथ ही अपने स्तर पर भी ट्रैक्टरों से कीटनाशकों का स्प्रे करने में जुटे हुए हैं।


कृषि उप निदेशक ने  बताया कि बुधवार को तेमड़ेराय मन्दिर, भू, भोपा, पिथोड़ाई, केशवनगर, रामगढ़, बांधा में 40 से 60 आरडी, 2 पीटीएम, मदासर, नाचना आदि क्षेत्रों में टिड्डी नियंत्रण के कारगर प्रयासों में व्यापक सफलता हासिल हुई है। 

उन्होंने बताया कि अब सारा फोकस टिड्डियों के समूल सफाए पर केन्दि्रत है और इसके लिए अब दो-तीन दिन और स्प्रे की कार्यवाही कर टिड्डियों का खात्मा कर दिया जाएगा। 


जिला कलक्टर ने किसानों से किया आग्रह
जैसलमेर जिला कलक्टर नमित मेहता ने जिले में टिड्डी नियंत्रण के साझा और सफल प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया और किसानों से आग्रह किया है कि आगामी 3-4 दिन और टिड्डी नियंत्रण गतिविधियों में अपनी पूरी-पूरी भागीदारी निभाएं ताकि टिड्डियों का खात्मा किया जा सके। 

कृषि विभाग ने रसायनों के प्रयोग की अवधि बढ़ाई
कृषि विभाग ने भी टिड्डियों के पूरी तरह खात्मे पर अपनी कार्यवाही को फोकस किया है। राजस्थान के कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को टिड्डियों से बचाने के लिए कीटनाशी रसायनों के उपयोग की अवधि अग्रिम आदेश तक बढ़ा दी है। पहले यह अवधि 7 January तक ही निर्धारित थी।

कृषि आयुक्तालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब कीटनाशी रसायनों के उपयोग की अवधि अग्रिम आदेशों तक अथवा टिड्डियों का प्रकोप रहने तक किए जाने की स्वीकृति दी गई है।