MCX News। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से सोने और चांदी (Gold-Silver) में खूब निखार आई है। सोना लगातार शिखर पर चढ़ता जा रहा है और चांदी की भी चमक रोज बढ़ती जा रही है। भारतीय वायदा बाजार में चांदी गुरुवार को 74000 रुपये प्रति किलो के पार चली गई है और जल्द ही अपने पिछले सारे रिकॉर्ड को तोड़ने वाली है। इस सप्ताह चांदी करीब 1000 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है।

चांदी का सबसे सक्रिय वायदा अनुबंध बीते सप्ताह 31 जुलाई को 64,984 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था जबकि गुरुवार को 74768 रुपये प्रति किलो तक उछला।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी के सितंबर एक्सपायरी अनुबंध में गुरुवार पूर्वाह्न्् 11.32 बजे पिछले सत्र से 2750 रुपये यानी 3.83 फीसदी की तेजी के साथ 74,643 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान चांदी का भाव 74,768 रुपये प्रति किलो तक उछला। जोकि नौ साल का सबसे उंचा स्तर है। बता दें कि 25 अप्रैल, 2011 को एमसीएक्स पर चांदी का भाव 76,600 रुपये प्रति किलो तक चला गया था जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।

एमसीएक्स पर सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में 442 रुपये यानी 0.80 फीसदी की तेजी के साथ 55540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान सोने का भाव 55,580 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला, जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 15.40 डॉलर यानी 0.76 फीसदी की तेजी के साथ 2052.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले भाव 2,052.70 डॉलर प्रति औंस तक उछला। पिछले सत्र में सोने का वायदा भाव कॉमेक्स पर 2057.50 डॉलर प्रति औंस तक उछला था जोकि अब तक रिकॉर्ड स्तर है। वैश्विक बाजार में हाजिर में सोने का भाव 2050.02 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ था।

कॉमेक्स पर चांदी के सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 2.84 फीसदी की तेजी के साथ 27.655 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले चांदी का भाव कॉमेक्स पर 27.723 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कॉमेक्स पर चांदी का भाव अप्रैल 2011 में रिकॉर्ड 49.83 डॉलर प्रति औंस तक उछला था।

दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र से 0.15 फीसदी की कमजोरी के साथ 92.70 पर बना हुआ था। डॉलर इंडेक्स 18 मई को 100.43 तक चढ़ा था, लेकिन उसके बाद से लगातार डॉलर में कमजोरी बनी हुई है।

–आईएएनएस

पीएमजे