Mumbai। उद्योग संगठन कान्फेडरेशन ऑफ इंडियान टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा गुरुवार को लिए गए फैसलों में संकटग्रस्त एमएसएमई (SSME) को एनपीए की श्रेणी में लाए बगैर उनको एक बार कर्ज पुनर्गठन यानी लोन रिस्ट्रक्च रिंग करने के मौके देने का स्वागत किया है। उद्योग संगठन का कहना है कि इससे कपड़ा व परिधान कारोबार को थोड़ी राहत मिलेगी।

सीआईटीआई के चेयरमैन टी. राजकुमार ने एक बयान में कहा कि आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने संकटग्रस्त सभी एमएसएमई को एनपीए यानी गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के रूप में वगीकृत किए बगैर एक बार लोन रिस्ट्रक्चरिंग करने की राहत दी है, जो एक स्वागत योग्य कदम है।

उन्होंने कहा कि भारतीय कपड़ा व परिधान उद्योग उच्च पूंजी व श्रम प्रभावी क्षेत्र है, मतलब इसमें पूंजी और श्रम की जरूरत ज्यादा होती है और कोरोना महामारी के कारण यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लिहाजा, आरबीआई के इस कदम से इस उद्योग को थोड़ी राहत मिलेगी।

–आईएएनएस