कृषि कानून वापस लेने को मजबूर होगी सरकार : राहुल

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नई दिल्ली/मदुरै, 14 जनवरी । कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दावा किया कि सरकार को कानून वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

मदुरै में जल्लीकट्टू (बुल-टैमिंग) देखने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, मेरे शब्दों को चिह्न्ति (मार्क) कर लीजिए। सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मुझे बहुत गर्व है कि किसान क्या कर रहे हैं और मैं पूरी तरह से उनका समर्थन करता हूं और हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा।

उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों का न केवल दमन नहीं कर रही है, बल्कि वह उन्हें नष्ट करने की साजिश कर रही है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, सरकार सिर्फ उनकी (किसानों को) उपेक्षा नहीं कर रही है, बल्कि वह उन्हें नष्ट करने की साजिश कर रही है। एक अंतर है। उपेक्षा एक अनदेखी है। वे उन्हें नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे अपने दो या तीन दोस्तों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं।

Prime Minister नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने पूछा, क्या आप पूरे देश के Prime Minister हैं या फिर दो या तीन व्यापारियों के Prime Minister हैं?

राहुल ने कहा, जब कोरोना आया, तब उन्होंने आम आदमी की मदद नहीं की। जब चीनी हमारी जमीन पर बैठे हैं तो Prime Minister अब क्या कर रहे हैं?

कांग्रेस ने 15 जनवरी को किसानों के समर्थन में विरोध करने की योजना बनाई है और विभिन्न राज्यों में राजभवन तक मार्च करने का फैसला किया है।

इस बीच दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का जारी विरोध भीषण ठंड और घने कोहरे के बीच जारी रहा। उन्होंने दावा किया है कि आने वाले दिनों में नए कृषि कानूनों के खिलाफ उनकी हलचल और तेज हो जाएगी।

–आईएएनएस

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