डोपिंग पर खिलाड़ी, प्रशिक्षकों और शारीरिक शिक्षकों को किया गया जागरूक

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नई दिल्ली, 30 दिसंबर । फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) और फुटबॉल दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के सहयोग से देश में डोपिंग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में नाडा के डोप कंट्रोल ऑफिसर पंकज वत्स ने सभी प्रतिभागियों को विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) और नाडा की कार्य प्रणाली और शरीर पर डोपिंग के पड़ने वाले दुष्प्रभावों को बताया। उन्होंने डोपिंग के लिए प्रतिबंधित दवाइयों और उनके सेवन पर नाडा के द्वारा लगाए जाने वाले प्रतिबंधो पर चर्चा की।

नाडा के प्रोजेक्ट ऑफिसर अंकुश गुप्ता ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नाडा के सहयोग से करने के लिए पूरे देश के कॉलेज और स्कूल के खिलाड़ियों को आमंत्रित किया।

इस अवसर पर पेफी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पीयूष जैन ने कहा कि भारत जैसे देश में खिलाड़ी अनजाने में प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर ना सिर्फ अपनी सेहत से खिलवाड़ करता है वल्कि नाडा के प्रतिबंध का भी सामना करता है जिसके फलस्वरूप उसका कैरियर भी तबाह हो जाता है। उन्होंने कहा कि देश में निचले स्तर से ही जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है।

फूटबाल दिल्ली के महासचिव आकाश नरूला ने कहा की फुटबॉल दिल्ली भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से फूटबाल खिलाड़ियों और कोच के लिए आयोजित करेगी।

–आईएएनएस

ईजेडए/एसजीके