America के ताईवान संबंधी अधिनियम से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा : China

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बीजिंग, 30 दिसंबर । हाल में अमेरिकी नेता ने 2021 वित्तीय वर्ष के व्यापक विनियोग अधिनियम पर हस्ताक्षर किए, जिसमें तथाकथित ताईवान गारंटी कानून की धारा शामिल है। इस धारा में ताईवान को अमेरिकी सरकार द्वारा हथियार बिक्री को सामान्य प्रक्रिया बताया गया है। साथ ही कहा गया कि America ताईवान के अनेक अहम अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में हिस्सा लेने का समर्थन भी करेगा। America की इस कार्रवाई ने China के अंदरूनी मामलों में धृष्ठतापूर्वक हस्तक्षेप किया और China के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया। इसका China ने जबरदस्त खंडन और विरोध किया है।

ताईवान मुद्दा China की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता से संबंधित है, साथ ही China-America संबंध का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील सवाल भी है। 1979 में जारी China-America राजनयिक संबंधों की स्थापना के ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि America यह मान्यता देता है कि China लोक गणराज्य China की एकमात्र कानूनी सरकार है। अमेरिकी राजनेता इस बारे में स्पष्ट रूप से जानते हैं लेकिन उन्होंने शीत युद्ध की विचारधारा पर आधारित China के केंद्रीय हित संबंधी ताईवान सवाल पर बार-बार गलतियां की।

बीते 4 सालों में America ने 11 बार ताईवान को हथियार बेचे, केवल इस साल 6 बार हथियारों की बिक्री की जा चुकी है। इस साल America ने तथाकथित 2019 थाईपेई अधिनियम को कानून बनाया और 10 से अधिक बार सैन्य जहाजों को ताईवान जलडमरुमध्य में भेजा। और तो और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ ने कहा कि ताईवान China का भाग नहीं है और खुलेआम China-America राजनयिक संबंधों की स्थापना के राजनीतिक आधार को पैरों तले रौंदा है।

लेकिन अमेरिकी राजनेता भले ही कितनी भी कोशिश क्यों न करें, China पर इसका कोई असर नहीं पड़ सकता है। इससे पहले China ने लोकहिड मार्टिन कॉपरेशन, बोइंग इटिग्रेटेड डिफेन्स सिस्टम्स और रेइथोन कंपनी आदि अमेरिकी सैन्य उद्यमों और ताईवान को हथियार बिक्री करने की प्रक्रिया में बुरी भूमिका अदा करने वाले अमेरिकी निजी लोगों या यथार्थ इकाइयों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया। इसमें China द्वारा देश की प्रभुसत्ता की रक्षा करने का ²ढ़ संकल्प दिखता है।

हाल में China-America संबंध राजनयिक संबंधों की स्थापना की सबसे गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। America की नयी सरकार एशिया प्रशांत क्षेत्र में America के हितों की रक्षा करना चाहती है, इसलिए हमें जानना चाहिए कि ताईवान सवाल बहुत जटिल और संवेदनशील है। America को गलत और खतरनाक रास्ते में आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

— आईएएनएस