30 जून को वक्री बृहस्पति (गुरु) का मकर से धनु में आना भारत-China संघर्ष को बढ़ाएगा

Astrology News By Pandit Dayanand Shastri: वतर्मान कालचक्र/परिस्थिति: 30 जून 2020 को वक्री बृहस्पति (गुरु) का मकर से धनु में आना हमारे देश भारत की शान्ति के लिये ठीक नहीं है । बृहस्पति (Jupiter) तथा शनि दोनों ही वक्री हैं। 30 जून 2020 को जब बृहस्पति धनु में आ जायेगा तब भी वक्री ही रहेगा ।

वक्री ग्रह एक घर पहले से ही दृष्टि डालते हैं अर्थात दो घरों में माने जाते हैं तो मतलब हुआ यह कि वृषभ लग्न की कुण्डली में गुरु धनु और बृश्चिक राशियों में होगा तथा शनि धनु और मकर में होगा ।

गोचर का मंगल मीन राशि मे 11वें भाव में आकर 6 महीने तक मारक स्थान को तथा संघर्ष के छठें भाव को देखेगा । वर्तमान भारत की महादशा है चन्द्र में शनि की ।

चंद्र शनि दोनों भारत के पुरुष के भाव मे बैठे हैं और गोचर का शनि उस भाव को तथा 11 वें भाव को देख रहा है । अष्टमेश अष्टम में है तो बहुत सारे राज़ भी इस विवाद में बाहर आयेंगे ।स्थितियां 30 जून से या यूं कहें कि अभी से विकट हैं ।ग्रहण अपना असर देगा ही । भगवान करें युद्ध टल जाये । China का छठा भाव उसे युद्ध के लिये उकसा रहा है ।

आज 30 जून 2020 से भारत भी मजबूर होगा इसमें शामिल होने के लिये क्योंकि वह पराक्रम भाव की दशा-अंतर्दशा में चल रहा है ।

इस परिवर्तन से मेष के नवम भाव में अच्‍छा, वृषभ के अष्टम भाव में मिला जुला, मिथुन के सातवें भाव में अच्छा, कर्क के छठे भाव में बुरा, सिंह के पंचम भाव में अच्छा, कन्या के चतुर्थ भाव में मिला जुला, तुला के तीसरे भाव में अच्‍छा, वृश्‍चिक के दूसरे भाव में अच्‍छा, धनु के प्रथम भाव में उत्तम, मकर ने बारहवें भाव में बुरा, कुंभ के ग्यारहवें भाव में अच्‍छा, मीन के दसवें भाव में गोचर अच्‍छा रहेगा।

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इस राशि परिवर्तन से गुरु और राहु का दृष्टि संबंध बनेगा। इस अशुभ योग का प्रभाव देश-दुनिया के साथ ही सभी राशियों पर भी पड़ेगा। बृहस्पति के राशि बदलने से देश में बड़े राजनैतिक और भौगोलिक बदलाव हो सकते हैं। गुरु के प्रभाव से 6 राशियों के लिए समय ठीक नहीं रहेगा। वहीं अन्य 6 राशियों को तरक्की और फायदा मिलने के योग हैं।

जानिए देश-दुनिया पर गुरु और राहु इस योग का प्रभाव

पं. दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि इस अशुभ योग के प्रभाव से देश में धर्म स्थानों से जुड़े बड़े फैसले हो सकते हैं। देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं। तेज हवा और चक्रवात से जन-धन की हानि होने की आशंका बन रही है। देश-दुनिया के महत्वपूर्ण देशों में तनाव बढ़ सकता है। भारत की सीमाओं को लेकर भी विवाद की स्थितियां बन सकती हैं। उत्तरी राज्यों में उथल-पुथल होने की संभावना बन रही है। इन्हीं जगहों पर देव स्थानों से जुड़ी बड़ी घटनाएं भी हो सकती हैं। देश के शिक्षा संस्थानों से जुड़े बड़े फैसले हो सकते हैं और महत्वपूर्ण घटनाएं भी होने की आशंका बन रही है।

ज्योतिषाचार्य/वास्तुशास्त्री पण्डित दयानन्द शास्त्री, उज्जैन।
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