Tiddi Niyantran kaise karen

Jaisalmer News : जैसलमेर जिले के नहरी क्षेत्र नाचना, मोहनगढ़ और रामगढ में पाकिस्तान से उड़कर आये हजारों टिड्डी दलों (Locusts) के चलते किसान चिंतित है, टिड्डी नियंत्रण विभाग (locust control department) की लापरवाही के चलते लाखों बीघा में खड़ी मूंग, मोठ, मूंगफली और ग्वार की फसल चौपट हो रही है।

उप निदेशक कृषि विस्तार राधेश्याम नारवाल ( Department of Agriculture ) ने बताया कि विभाग मे नियुक्त कृषि पर्यवेक्षकों के कुल 11 दल बनाये गये है जो अपने – अपने क्षेत्र मे टिड्डी का सर्वे एवं सतत् निगरानी कर रहे है एवं टिड्डी दल देखे जाने पर जिला स्तर पर नियत्रंण कक्ष तक समय पर सुचनाये भिजवायी जा रही है। किसानों को प्रचार – प्रसार सामग्री के माध्यम से जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है।

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पूर्व मे टिड्डी दलों के पडाव स्थल अकृषि भूमि रही है जिस पर टिड्डी दलों द्वारा अण्डे देने के कारण एवं मौसम की अनुकूल परिस्थितियों से अब हॉपर्स का प्रकोप बढने की संभावना है जो की अब खरीफ फसलों मे पहुचने से फसलों में नुकसान होने की संभावना है।

खेत में टिड्डी दल नियंत्रण कैसे करे-How To Control Locust With Pesticides ?

किसानों को अपने खेतों मे टिड्डी / हापर्स का प्रकोप होने पर भारत सरकार द्वारा टिड्डी नियंत्रण (Locust Control) कार्य के लिए सिफारिश किये गये पेस्टिीसाईड (Pesticides) जिसमें क्लोरपायरीफोस 20 ई.सी. (  Chlorpyrifos 20% EC ) की 1200 एमएल मात्रा प्रति हैक्टर, क्लोरपायरीफोस 50 ई.सी (  Chlorpyrifos 50% EC ) की 480 एमएल मात्रा प्रति हैक्टर, डेल्टामेथ्रिन 2.80 प्रतिशत ई.सी ( Deltamethrin 2.8% EC ) 450 एमएल प्रति हैक्टर, एवं मेलाथियॉन 50 प्रतिशत ई.सी. ( MALATHION 50% EC ) 1850 एम एल, मेलाथियॉन 25 प्रतिशत डब्लू.पी. ( MALATHION 25% WP ) 3700 ग्राम प्रति हैक्टर, एव फिप्रोनिल 5 प्रतिशत ई.सी. ( Fipronil 5% EC )125 एम एल का छिडकाव 350 से 400 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति हैक्टर करने पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

कृषि आयुक्तालय राज0 जयपुर से सुवालाल जाट सयुक्त निदेशक कृषि (पौ.स.) एवं सहायक निदेशक कृषि (पौ.स.) बी.एल. जाट ने 09 सितम्बर को मोहनगढ, नाचना, भारेवाला, जालूवाला आदि क्षेत्र का विभागीय अधिकारियों के साथ भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया एवं मौके पर नियत्रंण के लिए उपयुक्त तकनिकी जानकारी उपलब्ध करवायी गई।