Jaisalmer: जल शक्ति अभियान के अंतर्गत ग्राम डाबला में कृषि विज्ञानं केंद्र , जैसलमेर , कृषि विभाग, जिला परिषद के तत्वाधान में मेले का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख जैसलमेर अंजना मेघवाल ने जल बचत की सभी गतिविधिया जैसे नाड्डी , तालाब , खेत तलाई , एनिकेट, पक्के जल होज व् खड़ींन का निर्माण व सरंक्षण की आवश्कता बताई.साथ ही उन्होंने वर्षा जल का अधिक से अधिक सरंक्षण कर उपयोग में लेना पर जोर दिया.

मेले में भारत सरकार के जल शक्ति अभियान के अंतर्गत बलोक नोडल अधिकारी जे. पी. मीना (आई.ऐ.एस.) ने कहा की किसानो, महिलाओ व सभी विभागों के अधिकारियो के साथ साथ किसानो की सक्रिय साझेदारी व सहभागेदारी की आवश्कता बताई. जल बचत के लिए जागरूकता , वर्षा जल संग्रहण, वर्ष रोपण व् खेती में जल बचत तकनिको के बारे में अधिक से अधिक सहभागिता होनी चाहिए.

अमेजन इंडिया पर आज का शानदार ऑफर देखें , घर बैठे सामान मंगवाए  : Click Here

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जैसलमेर ओमप्रकाश ने अभियान के अंतर्गत जल सरंक्षण से संबधित विभागीय गतिविधियों के बारे में बताया. तकनिकी विशेषज्ञ सुश्री मोनिका ने महिलाओ की भगीदारी बढ़ने की आवश्कता पर बल दिया. इस अवसर पर कृषि विज्ञानं केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ दीपक चतुर्वेदी ने वर्तमान परिपेक्ष में जल सरंक्षण की आवश्कता, एवं जल सरंक्षण के उपाय तथा कृषि जल बचत व फसलो की उत्पादकता बढाने के लिए उच्च जल दक्षता वाली सिचाई प्रणालियों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी.

उप निदेशक कृषि विस्तार राधेश्याम नारवाल ने विभाग की जल सरंक्षण में सहयोगी गतिविधियों पर अनुदान के बारे में किसानो को बताया.कृषि विज्ञानं केंद्र, पोकरण के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष चंद्रप्रकाश मीना ने कृषि में जल बचत की सिचाई की उन्नत तकनीको – फव्वारा, बूंद –बूंद व सूक्ष्म सिचाई की तकनीको के बारे में विस्तार से किसानो को बताया.

कृषि विज्ञानं केंद्र, जैसलमेर के पशुपालन विशेषज्ञ शंकरलाल ने पशुपालन की उन्नत तकनीको के बारे तथा देसी खाद का उपयोग कर मृदा स्वास्थ्य सुधारने की तकनीको के बारे में विस्तार से किसानो को बताया. इस अवसर पर पधारे हुए सभी गणमान्य अतिथियों ने वृक्षारोपण किया.